An Evening with Poetry on 31st March,2016

31-Mar-2016
5:30 pm
KitabKhana

Events

यदि देहं पृथक् कृत्य चिति विश्राम्य तिष्ठसि. अधुनैव सुखी शान्तो बन्धमुक्तो भविष्यसि.. -- अष्टावऋ गीता